Saturday, April 12, 2014

हमरा बापू भी बोलता है

बापू बोलता है
ये क्या हो रहा है
हे आम हे आम
हे आम मैं हैरान।

नल का पानी बिजली बत्ती
फोकट में देनी है
कह तो गये हम जोश में भाई
फट गई हमारी है।

लोकपाल तो लाना है
ये बड़ी बात क्या है
देखना है कि पास न होवे
लोकसभा आगे है।

पोलीटीशन बनना है तो
बड़ी बात क्या है
बेचों सपने फिर कह दो
हम मज़ाकिया तो है।

सबकुछ ईझी है ये कहना
कहनाही ईझी है
काम छोड़ कर गुम हो जाना
ये आयडिया अच्छा है।

शुरुआत में सब कहते है
हम तो दिलसे सच्चे है
जैसे चखते मजा कुर्सी का
कमलहाथ बन जाते है ।

गौर से देखो सीखो उनसे
कैसे चुपके खाते है
हम तो हाथ में झाडू लेकर
खुद कचरा बन जाते है ।

हे आम हे आम
हे आम मैं हैरान।

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